नवगछिया अनुमंडल में गंगा नदी के तेवर में आने से पहले ही जल संसाधन विभाग की पोल खुल गयी है. अभी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है. जानकारों का कहना है कि जल स्तर में चार से पांच फीट की वृद्धि होने पर बाढ. आने की संभावना है. राघोपुर में पांच सौ मीटर और गोपालपुर में इसी वर्ष बना बांध करीब एक किलोमीटर तक ध्वस्त हो गया. राघोपुर में अभियंताओं की टीम ने बांध के क्षरण पर ध्यान न देकर तटीय इलाके को बाढ. से बचाने के लिए एक समानांतर बांध का निर्माण शुरू कर दिया है. जानकारों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में बेतहाश वृद्धि होने पर नयी मिट्टी से बना यह बांध गांगा के सामने टिक न पायेगा. विभाग को पहले से ही इमानदारी और सतर्कता पूर्वक कार्य करना चाहिए था. इधर गोपालपुर में भी इस बार किये गये कटाव निरोधी कार्य का हश्र लोगों के सामने है. जल संसाधन विभाग ने यहां पर पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन गंगा की तीव्र धारा के समक्ष विभाग की सारी तकनीक और संसाधन बौने नजर आ रहे हैं. इधर नवनिर्मित बांधों के लगातार ध्वस्त होने से लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है. जिला पार्षद विजय कुमार मंडल ने विभाग के विरुद्ध मोरचा खोल दिया है. वहीं गोपालपुर में कांग्रेस नेता शंकर सिंह अशोक ने आंदोलन के लिए जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है. खरीक प्रखंड के कांग्रेस नेता और जिला पार्षद गौरव राय ने इस बाबत जल संसाधन विभाग के मंत्री और केंद्र सरकार के जल संसाधन विभाग को स्थिति से अवगत करवाते हुए कार्रवाई की मांग की है.
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