असम के सिल्चर निवासी प्रीतम भट्टाचार्य हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई छट्ठ सहनी की गिरफ्तारी के बाद सुस्त पड़ गयी है. पुलिस अब तक कानूनी अड़चन के कारण छट्ठ को रिमांड पर भी नहीं ले सकी है. छट्ठ द्वारा बताये गये अन्य चार अपराधियों में से एक को भी अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. छट्ठ द्वारा बताये गये चार अपराधियों के नाम को रेल पुलिस ने गुप्त रखा है. यहां तक कि रेल पुलिस ने उन चारों के नाम लोकल पुलिस के कुछ खास पुलिस पदाधिकारियों को ही बताये हैं. बताया जाता है कि छट्ठ ने जेल से ही अपने सहयोगियों के माध्यम से पुलिस को बताये चारों अपराधियों के नाम लीक कर दिये हैं. इसके बाद चारों नवगछिया से भाग गये हैं. बताया जाता है कि चारों नवगछिया के स्थानीय और दियारा इलाके के हैं. इधर लोकल पुलिस द्वारा रिमांड पर लिये गये शातिर ललन यादव से पूछताछ में भी पुलिस को इस कांड के संबंध में कुछ खास हाथ नहीं लगा है. सूत्रों का कहना है कि रेल पुलिस ने मामले के उदभेदन करने का मन बना लिया है. इसके लिए घटना के अनुसंधान की डायरी लेखन का भी कार्य शुरू कर दिया गया है. उधर असम के सिल्चर में प्रीतम के परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. परिजनों का कहना है रेल पुलिस घटना की तह तक पहुंचने में पूरी तरह से नाकामयाब रही हैं. इसलिए सीबीआइ जांच की जरूरत है.
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