नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में मात्र एक ही कक्ष के पोस्टमार्टम हाउस पर एक अज्ञात शव का तीन दिनों से कब्जा है. तीन अगस्त को झंडापुर के बगड़ी पुल के पास मिले अज्ञात शव पोस्टमार्टम के बाद भी पोस्टमार्टम हाउस में ही पड़ा है. इस कारण रविवार को इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के छोटी परवत्ता में नदी में डूब कर मरे छोटी परवत्ता के ही श्यामसुंदर मंडल के शव का अनुमंडलीय अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं हो सका. उसे पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर रेफर करना पड़ा. शव का पोस्टमार्टम भागलपुर में भी नहीं किया जा सका. परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार वहां चिकित्सकों ने यह कह कर शव को बैरंग वापस लौटा दिया कि मामला नवगछिया का है. नवगछिया के शवों का विशेष परिस्थिति में ही भागलपुर में पोस्टमार्टम किया जाता है. जब शव पूरी तरह से सड़ गया हो या फिर मृत्यु का कारण पता नहीं चलता हो. इधर तीन दिनों में पोस्टमार्टम हाउस में पड़ा शव पूरी तरह से सड़ गया है जिससे हाउस के बगल में ओटी का कार्य भी रविवार को बाधित रहा. अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक बासुदेव प्रसाद मंडल ने कहा कि अस्पताल में शवों को रखने की सुविधा नहीं है. अगर यहां पर शवों को रखा जायेगा तो यहां पर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी तरह से बाधित हो जायेगी. शनिवार को देर शाम नवगछिया एसपी, अनुमंडल पदाधिकारी, एसडीपीओ एवं थानाध्यक्षकों को पत्र भेजा गया है.
न्यायालय के आदेश के अनुसार अज्ञात शवों को 72 घंटे तक अस्पताल में ही शिनाख्त के लिए रखना है. इसके बाद ही पुलिस स्तर से शवों का अंतिम संस्कार किया जायेगा. यह समस्या उनके संज्ञान में भी आया है. इसके लिए विचार किया जायेगा.
आनंद कुमार सिंह, एसपी |
न्यायालय के आदेश के अनुसार अज्ञात शवों को 72 घंटे तक अस्पताल में ही शिनाख्त के लिए रखना है. इसके बाद ही पुलिस स्तर से शवों का अंतिम संस्कार किया जायेगा. यह समस्या उनके संज्ञान में भी आया है. इसके लिए विचार किया जायेगा.
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