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Friday, 11 January 2013

प्रीतम हत्याकांड : पुख्ता सबूत जुटाने की कवायद

नये सिरे से शुरू हुई जांच

आइजी ने दिया साक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश

फॉरेंसिक रिपोर्ट से पुलिस को अनुसंधान में मिलेगी दिशा

अभी तक के सबूत आरोपियों के विरुद्ध न्यायिक कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं


असम के सिल्चर निवासी प्रीतम भट्टाचार्य अपहरण हत्याकांड में फॉरेंसिक र्पिोट आने के बाद कुछ चौंकाऊ खुलासे हो सकते हैं. रेल आइजी विनय कुमार के निर्देश पर रेल पुलिस ने इस मामले की नये सिरे से जांच शुरू कर दी है. आइजी ने जांच में साक्ष्यों की खोज पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है. फॉरेंसिक टीम बनवारी पंसारी की अंडी मिल से कई नमूने को जांच के लिए ले गयी है. फॉरेंसिक टीम द्वारा नमूने एकत्रित करने के समय आरोपियों के विरुद्ध कुछ भी पुख्ता साक्ष्य मिलने की बात नहीं कही जा रही थी. रेलवे के वरीय पदाधिकारियों ने कहा कि जिन बिंदुओं पर फॉरेंसिक जांच की जा रही थी, उनसे संबंधित सभी प्रकार के नमूने हत्याकांड में प्रयुक्त बोलेरो और अंडी मिल से लिये जा चुके हैं. जांच के बाद उम्मीद है कि आरोपियों के विरुद्ध कई तरह के साक्ष्य एकत्र होंगे. प्रीतम की लाश जिस स्थान पर फेंकी गयी थी वहां से मिले उसके लैपटॉप कवर और कपड.ों की भी फॉरेंसिक टीम ने सूक्ष्मता से जांच की है. जानकारी के अनुसार पुलिस के पास अब तक इस मामले में मोबाइल कॉल डिटेल और आरोपियों के बयान के अलावा अन्य कोई ठोस साक्ष्य नहीं है. बताया जाता है कि मामले में जेल भेजे गये आरोपियों के विरुद्ध न्यायिक कार्रवाई के लिए उपरोक्त साक्ष्य पर्याप्त नहीं हैं. इसलिए पुलिस अब फोरेंसिक जांच के माध्यम से साक्ष्य इकट्ठे करने में एड.ी-चोटी का जोर लगा रही है. लोगों का कहना है कि पुलिस अगर इस हत्याकांड के तुरंत बाद इस तरह का कदम उठाती तो पुलिस के पास अब तक कई पुख्ता साक्ष्य होते. मालूम हो कि अब तक इस हत्याकांड में नौ लोग सलाखों के पीछे भेजे गये हैं. पिछले वर्ष नौ जुलाई को प्रीतम का अपहरण कर उसकी हत्या पांच दिन बाद कर दी गयी थी. इस घटना के छह माह बाद भी पुलिस आरोपियों की संलिप्तता को लेकर उधेड.बुन में है. उधर एक बार फिर प्रीतम के परिजनों ने सूबे की सरकार से सीबीआइ जांच की मांग की है.

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