अभी भी कार्य को लेकर सजग नहीं हैं जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी
बिहपुर में बागजान, खरीक के पीपरपांती,नबटोलिया, मैरचा, चोरहर, बगजान बांध, नवगछिया के सकुचा, रंगरा के मंदरौनी में चल रहा है भीषण कटाव
कोसी नदी की टेढ.ी नजर विगत तीन दिनों से नवगछिया अनुमंडल है. खरीक से लेकर रंगरा तक कोसी का कहर जारी है. लागातार तीसरे दिन कोसी नदी ने नबटोलिया में अपना आक्रामक रूप जारी रखा है. 10 घंटे में पांच फीट जमीन कोसी नदी में विलीन हो रही है. कोसी के प्रलय के सामने जल संसाधन विभाग पूरी तरह से बौना बन गया है.
आदेश की अवहेलना
पीपरपांती में कोसी के तीब्र कटाव से लोगों के घर उजड़ते जा रहे हैं. यहां अनुमंडल पदाधिकारी विवेकानंद कैंप कर रहे हैं.ग्रामीण निर्मल यादव और ज्ञानदेव यादव का कहना है कि रविवार को पदाधिकारियों ने जियो बैग के नीचे जीटी फिल्टर डालने को कहा था, लेकिन आज बिना जीटी फिल्टर के ही बोरा डाला जा रहा है.जीटी फिल्टर बोरी की मिट्टी को नदी के पानी में घुलने से रोकता है और लंबे समय तक बोरे को नदी की तेज धारा का प्रतिरोध करने में मदद करता है. जानकारी के अनुसार जमीनदारी बांध पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है. जमीनदारी बांध का कटाव होने पर बिहपुर,नवगछिया और खरीक प्रखंड में जल प्रलय की स्थिति होगी.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
विभाग के मुख्य अभियंता कैलू सरदार ने कहा कि जहां पर जरूरी है वहां पर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है.वे चल रहे बचाव कार्य की निगरानी खुद कर रहे हैं.
बिहपुर में बागजान, खरीक के पीपरपांती,नबटोलिया, मैरचा, चोरहर, बगजान बांध, नवगछिया के सकुचा, रंगरा के मंदरौनी में चल रहा है भीषण कटाव
कोसी नदी की टेढ.ी नजर विगत तीन दिनों से नवगछिया अनुमंडल है. खरीक से लेकर रंगरा तक कोसी का कहर जारी है. लागातार तीसरे दिन कोसी नदी ने नबटोलिया में अपना आक्रामक रूप जारी रखा है. 10 घंटे में पांच फीट जमीन कोसी नदी में विलीन हो रही है. कोसी के प्रलय के सामने जल संसाधन विभाग पूरी तरह से बौना बन गया है.
आदेश की अवहेलना
पीपरपांती में कोसी के तीब्र कटाव से लोगों के घर उजड़ते जा रहे हैं. यहां अनुमंडल पदाधिकारी विवेकानंद कैंप कर रहे हैं.ग्रामीण निर्मल यादव और ज्ञानदेव यादव का कहना है कि रविवार को पदाधिकारियों ने जियो बैग के नीचे जीटी फिल्टर डालने को कहा था, लेकिन आज बिना जीटी फिल्टर के ही बोरा डाला जा रहा है.जीटी फिल्टर बोरी की मिट्टी को नदी के पानी में घुलने से रोकता है और लंबे समय तक बोरे को नदी की तेज धारा का प्रतिरोध करने में मदद करता है. जानकारी के अनुसार जमीनदारी बांध पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है. जमीनदारी बांध का कटाव होने पर बिहपुर,नवगछिया और खरीक प्रखंड में जल प्रलय की स्थिति होगी.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
विभाग के मुख्य अभियंता कैलू सरदार ने कहा कि जहां पर जरूरी है वहां पर युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है.वे चल रहे बचाव कार्य की निगरानी खुद कर रहे हैं.
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