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Thursday, 2 August 2012

जेएलएनएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों को बंद कर पीटा


 नारायणपुर रेलवे स्टेशन पर कैपिटल एक्सप्रेस से गुरुवार को बलहा निवासी अभिषेक कुमार (19) का पैर कट गया। जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पर अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों व युवक के परिजनों में जमकर मारपीट हुई। जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों को कमरे में बंद कर लाठी, डंडे एवं रॉड से पीटा। यह हंगामा घंटे भर तक चला। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। जबकि अस्पताल प्रशासन ने पिटाई की बात से इंकार किया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि परिजनों की ओर से ही पहले डॉक्टरों को गाली दी गई थी। अस्पताल आने से पूर्व ही अभिषेक का खून अत्यधिक मात्रा में बह चुका था। उसकी हालत अत्यंत गंभीर थी। उसे बचा पाना मुश्किल था।
जानकारी के अनुसार किसान विद्यानंद सिंह का पुत्र अभिषेक बहन से राखी बंधवाने के लिए पटना से कैपिटल एक्सप्रेस से नारायणपुर आ रहा था। ट्रेन से उतरने के दौरान उसका पैर फिसल गया। वह नीचे गिर पड़ा। इसी बीच ट्रेन चल दी। अभिषेक का बायां पैर पहिए के नीचे आ गया। इससे पैर जांघ से ऊपर तक कट गया। गिरने के बाद भी उसे होश था। उसने इसकी सूचना अपने घरवालों को दी। आनन-फानन परिजनों ने उसे इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने मरहम पट्टी करने के बाद उसे दो सूइयां लगाई। परिजनों को खून की व्यवस्था करने को कहा गया। परिजन ब्लड बैंक गए। वो बंद मिला। इस दौरान अभिषेक की हालत बिगड़ती चली गई। अभिषेक को तड़पता देख परिजन डॉक्टर के चैंबर पहुंचे। वे उसकी जान बचाने की गुहार लगाने लगे। परिजनों का कहना है कि सूइयां लगाने के बाद अभिषेक को हिचकियां आने लगीं। इस पर डॉक्टरों ने उसका उपचार करना बंद कर दिया। वे यह कहकर चले गए की दूसरा डॉक्टर आकर इलाज करेगा। इस पर परिजनों को गुस्सा आ गया। उन्होंने डॉक्टरों को कुछ अपशब्द कहे। फिर क्या था। जूनियर डॉक्टरों ने चैंबर को अंदर से बंद कर अभिषेक के चाचा विजय कुमार सिंह, सदानंद सिंह, फूफा विकास कुमार को रॉड एवं डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच छात्रावास से भी कई जूनियर डॉक्टर वहां आ गए। उन्होंने भी जमकर हाथ साफ किए। पुलिस के आने पर ही परिजन डॉक्टरों के चंगुल से मुक्त हुए। अस्पताल के बाहर अभिषेक के मामा महराज सिंह की भी पिटाई हुई। इस हंगामे के दौरान अभिषेक ने दम तोड़ दिया। मारपीट में अभिषेक के पिता एवं एक अन्य चाचा आशुतोष सिंह भी घायल हुए हैं।
डॉक्टरों की पिटाई से घायल अभिषेक के चाचा व अधिवक्ता विजय सिंह ने घटना की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री के पीए को देकर न्याय की गुहार लगाई है। विजय भाजपा के नवगछिया जिला उपाध्यक्ष व जिला सदस्यता प्रभारी भी हैं।
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मारपीट नहीं झड़प हुई है : डॉ. विनोद
घटना के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद प्रसाद ने पूरे मामले की जांच की। उन्होंने पाया कि अभिषेक की मौत अधिक खून बहने एवं सिर में चोट की वजह से हुई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सुबह 6.40 बजे अभिषेक को यहां भर्ती कराया गया था। 20 मिनट में ही उसकी मौत हो गई। इस पर परिजन उत्तेजित हो गए। हंगाम मचाने लगे। डॉ. प्रसाद ने बताया कि उन्होंने परिजनों से बात की है। उन्होंने मारपीट की बात नहीं बताई।

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