अनंत चतुर्दशी पूजा को लेकर इस बार बनारस एवं मिथिला पंचाग की तिथियों में अंतर है। बिहपुर के साहित्यलंकार पंडित श्ाकर मिश्रा बताते हैं कि बनारस पंचाग के अनुसार मध्याह्न व्यापिनी चतुर्दशी तिथि मानने के कारण 28 सितंबर को अनंत पूजा माना गया है। वहीं मिथिला पंचाग के अनुसार सुबह 7 बजकर 53 मिनट तक चतुर्दशी रहने के कारण अनंत चतुर्दशी पूजा 29 सितंबर को माना गया है। इधर, अनंत पूजा को लेकर बाजारों बाजारों में 14 गिरह (गांठ) वाला अनंत सूत्र की बिक्री देखी जा रही है। बता दें कि अनन्त चतुर्दशी को पूजा पश्चात श्रद्धालु इस अनंत सूत्र को पुरूष दाएं एवं महिलाएं बाएं हाथ पर बांधती है। अनंत चतुर्दशी पूजा में जगत पालक भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में आज भी गहरी आस्था बरकरार है।

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