असम के सिल्चर निवासी प्रीतम की हत्या का पूरा ताना-बाना पाकेटमारों ने बुना था. जिन पाकेटमारों को अब तक पुलिस ने जेल भेजा है उनका रेल क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक इतिहास रहा है. पाकेटमारों का सरगना छट्ठ सहनी था. छट्ठ पहले ट्रेन में डकैतियां किया करता था. दो डकेती के मामले में वह नामजद भी है. अन्य सभी एक दो पाकेटमारी और नशाखुारानी मामले में आरोपी हैं. हत्या करने में छट्ठ और नेपाली व अन्य साथ साथ थे.
जानकारी के अनुसार पाकेटमारों ने प्रीतम को मालदार जान रकम उड़ाने की योजना बनायी थी. लेकिन बैग में रकम न मिलने के कारण योजना अपहरण की बन गयी. अपहरण नौ जुलाई को किया गया था. पाकेटमारों ने जब प्रीतम की पारिवारिक पृष्ठभूमि का पता लगाया तो पता चला कि काफी ब.डे घराने का लड़का है. इस पर पाकेटमारों ने उसे नवगछिया के पेशेवर अपहर्ता गिरोह के पास बेच डालने की योजना बनायी. लेकिन, 11 जुलाई से पुलिस के आक्रामक होने के बाद अपराधी डर गये और प्रीतम को मक्खातकिया से कटरिया ओवरब्रिज ले जाकर उसकी हत्या कर दी. कहा जा रहा है कि प्रीतम को एक-दो स्थानों पर ही प्रीतम को बदल बदल कर रखा गया था. चारों और पुलिस की नाकेबंदी से पेशेवर अपहरणकर्ताओं ने प्रीतम को लेने से साफ मना कर दिया था.
इधर पुलिस पाकेटमारी के मामले में जेल भेजे गये नवगछिया के ही चंदन साह को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. पुलिस अनुसंधान के क्रम में कथित रुप से इस घटना में संलिप्त पांच लोगों को खगड़िया जेल भेज चुकी है. पुलिस की योजना थी कि छट्ठ सहनी को भी रिमांड पर लिया जाये, लेकिन छटठू को अब तक रिमांड पर लेने में पुलिस कामयाब नहीं हो सकी है. पुलिस की इस हत्याकांड की बुनियाद छट्ठ सहनी के एक संबंधी का धारा 164 के बयान पर टीकी हुई है जिसमें छट्ठ के संबंधी ने कहा है कि छट्ठ पुलिस से बचने के लिए उसके घर पर आया और बोला कि उसने हत्या कर दी है. पुलिस ने कानूनी आधार मान कर छट्ठ के संबंधी का बयान दर्ज कराया और मामले का पूरी तरह से अनुसंधान कर दिया. इधर नवगछिया में देर रात तक रेल पुलिस लोकल पुलिस की सहायता से छापेमारी कर रही थी. देर रात तक किसी के हिरासत में लिये जाने की सूचना नहीं थी. आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारी भी होने वाली है. रेल आइजी विनय कुमार का मानना है कि इस मामले में कम से कम 15 से 20 लोगों की संलिप्तता है.
जानकारी के अनुसार पाकेटमारों ने प्रीतम को मालदार जान रकम उड़ाने की योजना बनायी थी. लेकिन बैग में रकम न मिलने के कारण योजना अपहरण की बन गयी. अपहरण नौ जुलाई को किया गया था. पाकेटमारों ने जब प्रीतम की पारिवारिक पृष्ठभूमि का पता लगाया तो पता चला कि काफी ब.डे घराने का लड़का है. इस पर पाकेटमारों ने उसे नवगछिया के पेशेवर अपहर्ता गिरोह के पास बेच डालने की योजना बनायी. लेकिन, 11 जुलाई से पुलिस के आक्रामक होने के बाद अपराधी डर गये और प्रीतम को मक्खातकिया से कटरिया ओवरब्रिज ले जाकर उसकी हत्या कर दी. कहा जा रहा है कि प्रीतम को एक-दो स्थानों पर ही प्रीतम को बदल बदल कर रखा गया था. चारों और पुलिस की नाकेबंदी से पेशेवर अपहरणकर्ताओं ने प्रीतम को लेने से साफ मना कर दिया था.
इधर पुलिस पाकेटमारी के मामले में जेल भेजे गये नवगछिया के ही चंदन साह को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. पुलिस अनुसंधान के क्रम में कथित रुप से इस घटना में संलिप्त पांच लोगों को खगड़िया जेल भेज चुकी है. पुलिस की योजना थी कि छट्ठ सहनी को भी रिमांड पर लिया जाये, लेकिन छटठू को अब तक रिमांड पर लेने में पुलिस कामयाब नहीं हो सकी है. पुलिस की इस हत्याकांड की बुनियाद छट्ठ सहनी के एक संबंधी का धारा 164 के बयान पर टीकी हुई है जिसमें छट्ठ के संबंधी ने कहा है कि छट्ठ पुलिस से बचने के लिए उसके घर पर आया और बोला कि उसने हत्या कर दी है. पुलिस ने कानूनी आधार मान कर छट्ठ के संबंधी का बयान दर्ज कराया और मामले का पूरी तरह से अनुसंधान कर दिया. इधर नवगछिया में देर रात तक रेल पुलिस लोकल पुलिस की सहायता से छापेमारी कर रही थी. देर रात तक किसी के हिरासत में लिये जाने की सूचना नहीं थी. आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारी भी होने वाली है. रेल आइजी विनय कुमार का मानना है कि इस मामले में कम से कम 15 से 20 लोगों की संलिप्तता है.

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