असम के सिल्चर निवासी प्रीतम हत्याकांड के मामले में पुलिस के घटना के एकदम करीब होने का दावा थोथी दलील निकली. मालूम हो कि रविवार को रेल पुलिस ने दावा किया था कि सोमवार को इस मामले में कुछ ब.डे खुलासे किये जायेंगे. लेकिन सोमवार को खास कर नवगछिया में न तो किसी भी वरीय रेल पुलिस पदाधिकारियों की मौजूदगी देखी गयी और न ही कोई खुलासा किया गया. इधर इसी हत्याकांड में पुलिस ने नवगछिया थाना क्षेत्र के नवादा निवासी नेपाली सिंह को जेल भेज दिया. वरीय पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नेपाली सिंह इस हत्याकांड में संलिप्त है. उसकी निशानदेही पर नवगछिया के ही और दो लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछ ताछ कर रही है. बरौनी और कटिहार और खगड़िया रेल थानों में भी पुलिस पदाधिकारियों द्वारा संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछ ताछ करने का सिलसिला जारी है. मिली जानकारी के अनुसार नेपाली सिंह ने पुलिस को 15 लोगों का नाम बताया है. इनमें से अधिकतर नवगछिया पुलिस जिले के ही हैं. चार लोगों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार नेपाली ने प्रीतम हत्याकांड की पूरी कहानी बतायी है. नेपाली के अनुसार प्रीतम को स्टेशन से अपने बिछाये जाल में फंसा कर अपराधियों ने उसे नवगछिया थाना के मक्खातकिया में ही रखा था. इसके बाद जब पुलिस की अत्यधिक दबिश हुई तो उसे एक चार चक्का वाहन से ले जाकर कटोरिया मार कर ओवर ब्रिज के नीचे फेंका गया. रेल आइजी विनय कुमार का कहना है कि इस हत्याकांड में पुलिस अभी कुछ भी ज्यादा खुलासा करने की स्थिति में नहीं है. अभी और लोगों की गिरफ्तारी होगी फिर पूरे मामले से परदा उठाया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड में कुल 10 से 15 लोगों की संलिप्तता है.

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