हाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर का
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में स्वास्थ्य विभाग का बुरा हाल है. भागलपुर के अलीगंज रोड स्थित जगदीशपुर अंचल अंतर्गत शुक्रवार को दवा फेंकने का मामला उजागर होने के बाद अब गोपालपुर पीएचसी में हेल्थ कार्ड जलाने का मामला प्रकाश में आया है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर द्वारा स्कूलों व अंगनबाड़ी केन्द्रों के बाों के मुफ्त इलाज के लिए हेल्थ कार्ड बनाया जाना था. हेल्थ कार्ड तो नहीं बना, लेकिन हेल्थ कार्ड स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों के हाथ सेंकने के काम जरूर आ रहा है. हेल्थ कार्ड स्वस्थ्य विभाग की महत्वकांक्षी योजना है, जिसके तरह प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ.ने वाले बच्चों के लिए मुफ्त इलाज व टीकाकरण की सुविधा दी जाती है. पिछले दिनों नवगछिया के सभी पीएचसी कर्मियों ने आंगनबाड़ी और स्कूलों में जाकर बाों का हेल्थ कार्ड बनाया था, लेकिन स्थानीय लोग कहते हैं कि गोपालपुर में इस योजना के तरह धरातल पर ठीक से कार्य नहीं किया गया था. इसका उदाहरण है कि सैकड़ों हेल्थ कार्ड को जलाये जा रहे हैं. इनमें से कई हेल्थ कार्ड ऐसे भी हैं, जिन पर बाों के नाम पता भी अंकित हैं. पीएचसी प्रबंधन से पूछे जाने पर बताया कि प्रखंड में हेल्थ कार्ड बनाने का कार्य कर लिया गया है. बेकार प.डे हेल्थ कार्ड रद्दी कागज की तरह है.
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में स्वास्थ्य विभाग का बुरा हाल है. भागलपुर के अलीगंज रोड स्थित जगदीशपुर अंचल अंतर्गत शुक्रवार को दवा फेंकने का मामला उजागर होने के बाद अब गोपालपुर पीएचसी में हेल्थ कार्ड जलाने का मामला प्रकाश में आया है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर द्वारा स्कूलों व अंगनबाड़ी केन्द्रों के बाों के मुफ्त इलाज के लिए हेल्थ कार्ड बनाया जाना था. हेल्थ कार्ड तो नहीं बना, लेकिन हेल्थ कार्ड स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों के हाथ सेंकने के काम जरूर आ रहा है. हेल्थ कार्ड स्वस्थ्य विभाग की महत्वकांक्षी योजना है, जिसके तरह प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ.ने वाले बच्चों के लिए मुफ्त इलाज व टीकाकरण की सुविधा दी जाती है. पिछले दिनों नवगछिया के सभी पीएचसी कर्मियों ने आंगनबाड़ी और स्कूलों में जाकर बाों का हेल्थ कार्ड बनाया था, लेकिन स्थानीय लोग कहते हैं कि गोपालपुर में इस योजना के तरह धरातल पर ठीक से कार्य नहीं किया गया था. इसका उदाहरण है कि सैकड़ों हेल्थ कार्ड को जलाये जा रहे हैं. इनमें से कई हेल्थ कार्ड ऐसे भी हैं, जिन पर बाों के नाम पता भी अंकित हैं. पीएचसी प्रबंधन से पूछे जाने पर बताया कि प्रखंड में हेल्थ कार्ड बनाने का कार्य कर लिया गया है. बेकार प.डे हेल्थ कार्ड रद्दी कागज की तरह है.

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