पुलिस के अनुसार प्रीतम को पांच दिनों तक अपहर्ताओं ने अंडी मिल में ही रखा था
इसी बोलेरो से कटरिया ओवरब्रिज के पास ले जा कर की गयी हत्या
बोलेरो मुख्य पार्षद के पति का
पटना से आयी फॉरेंसिक टीम ने देर रात तक की जांच
मिल सकते हैं कई और पुख्ता साक्ष्य
प्रीतम हत्याकांड के ठीक छह माह बाद कथित रूप से हत्याकांड में प्रयुक्त बोलेरो और नवगछिया के बनवारी पंसारी की अंडी मिल की जांच पटना से आयी विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम द्वारा की जा रही है. जांच दल का नेतृत्व कटिहार के रेल एसआरपी सुगन पासवान कर रहे थे. मौके पर रेल पुलिस के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे. बुधवार दोपहर बाद तक उजले रंग के बोलेरो की जांच पूरी कर ली गयी. देर रात तक बनवारी पंसारी की अंडी मिल की जांच जारी थी. जानकारी के अनुसार वाहन के कई आंतरिक हिस्सों की जांच सूक्ष्मता से की गयी है. वहीं अंडी मिल के कई स्थलों की जांच की गयी है. कार्बन और यूरेनियम पद्धति से फॉरेंसिक जांच की गयी. रेल पुलिस को इस जांच के बाद हत्याकांड के कुछ पुख्ता साक्ष्य मिलने की उम्मीद है. जानकारी के अनुसार जिस बोलेरो की जांच की गयी वह नगर पंचायत के मुख्य पार्षद के पति चंदेश्वरी सिंह का है. पुलिस का मानना है कि प्रीतम को पांच दिनों तक अपहर्ताओं ने अंडी मिल में ही रखा था और फिर इसी बोलेरो से ही उसे कटरिया ओवरब्रिज के पास ले जा कर उसकी हत्या कर दी गयी. इस हत्याकांड में अब तक नौ लोग सलाखों के पीछे जा चुके हैं. पुलिस पहले ही इस हत्याकांड के परदाफाश का दावा कर चुकी है. जेल भेजे गये आरोपियों की ही इस हत्याकांड में सलिप्तता बतायी गयी है. लेकिन इतने दिनों बाद पुलिस द्वारा फॉरेंसिक जांच करवाने के पीछे उद्देश्य है कि आरोपियों को सजा दिलवाने में मदद मिले. नौ जुलाई को असम से दिल्ली जाने के क्रम में प्रीतम का अपहरण नवगछिया स्टेशन से कर लिया गया था. अपहरण के बाद पुलिस की अत्यधिक दबिश से प्रीतम की हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में रेल के वरीय पदाधिकारी की नजर प्रत्यक्ष रूप से है. अनुसंधान के क्रम में एक-दो लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना है. नवगछिया में प्रीतम हत्याकांड की चरचा एक बार फिर से शुरू हो गयी है.
इसी बोलेरो से कटरिया ओवरब्रिज के पास ले जा कर की गयी हत्या
बोलेरो मुख्य पार्षद के पति का
पटना से आयी फॉरेंसिक टीम ने देर रात तक की जांच
मिल सकते हैं कई और पुख्ता साक्ष्य
प्रीतम हत्याकांड के ठीक छह माह बाद कथित रूप से हत्याकांड में प्रयुक्त बोलेरो और नवगछिया के बनवारी पंसारी की अंडी मिल की जांच पटना से आयी विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम द्वारा की जा रही है. जांच दल का नेतृत्व कटिहार के रेल एसआरपी सुगन पासवान कर रहे थे. मौके पर रेल पुलिस के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे. बुधवार दोपहर बाद तक उजले रंग के बोलेरो की जांच पूरी कर ली गयी. देर रात तक बनवारी पंसारी की अंडी मिल की जांच जारी थी. जानकारी के अनुसार वाहन के कई आंतरिक हिस्सों की जांच सूक्ष्मता से की गयी है. वहीं अंडी मिल के कई स्थलों की जांच की गयी है. कार्बन और यूरेनियम पद्धति से फॉरेंसिक जांच की गयी. रेल पुलिस को इस जांच के बाद हत्याकांड के कुछ पुख्ता साक्ष्य मिलने की उम्मीद है. जानकारी के अनुसार जिस बोलेरो की जांच की गयी वह नगर पंचायत के मुख्य पार्षद के पति चंदेश्वरी सिंह का है. पुलिस का मानना है कि प्रीतम को पांच दिनों तक अपहर्ताओं ने अंडी मिल में ही रखा था और फिर इसी बोलेरो से ही उसे कटरिया ओवरब्रिज के पास ले जा कर उसकी हत्या कर दी गयी. इस हत्याकांड में अब तक नौ लोग सलाखों के पीछे जा चुके हैं. पुलिस पहले ही इस हत्याकांड के परदाफाश का दावा कर चुकी है. जेल भेजे गये आरोपियों की ही इस हत्याकांड में सलिप्तता बतायी गयी है. लेकिन इतने दिनों बाद पुलिस द्वारा फॉरेंसिक जांच करवाने के पीछे उद्देश्य है कि आरोपियों को सजा दिलवाने में मदद मिले. नौ जुलाई को असम से दिल्ली जाने के क्रम में प्रीतम का अपहरण नवगछिया स्टेशन से कर लिया गया था. अपहरण के बाद पुलिस की अत्यधिक दबिश से प्रीतम की हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में रेल के वरीय पदाधिकारी की नजर प्रत्यक्ष रूप से है. अनुसंधान के क्रम में एक-दो लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना है. नवगछिया में प्रीतम हत्याकांड की चरचा एक बार फिर से शुरू हो गयी है.

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