नौ जुलाई 2012 को नवगछिया स्टेशन पर हुआ था अपहरण
असम के सिल्चर निवासी प्रीतम भट्टाचार्य हत्याकांड में सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिये जाने की सूचना है. प्रीतम हत्याकांड का मामला व्यवहार न्यायालय खगड.िया के प्रथम तदर्थ न्यायाधीश सहजानंद शर्मा के न्यायालय में चल रहा था. न्यायालय में सरकार और बचाव पक्ष के सम्यक जिरह के बाद आरोपियों के विरुद्ध किसी प्रकार का साक्ष्य नहीं रहने के कारण सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिये जाने की चर्चा है. हालांकि अभी इसकी न्यायालय से पुष्टि नहीं हुई है. प्रीतम हत्याकांड में बचाव पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र कुमार उर्फ पत्रा सिंह के एक सहयोगी रुपेश कुमार के हवाले से सूचना मिली है कि सभी आरोपियों को बुधवार को कोर्ट ने बरी कर दिया है. सरकार की ओर से इस मामले में अपर लोक अभियोजन संचालन गजेंद्र महतो कर रहे थे. इस रहस्यमय हत्याकांड में रेल पुलिस के पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएन राय और तत्कालीन डीआइजी विनय कुमार, कटिहार रेल एसपी सुगन पासवान के मिले जुले पर्यवेक्षण के आधार पर रेल पुलिस के पदाधिकारियों ने अनुसंधान कर कुल नौ लोगों छट्ठ सहनी, नेपाली सिंह, चंदन साह, विजय मंडल, राजेश मंडल, बाल्मिकी मंडल, जीतन मंडल, सुदीश सिंह और सुभाष सिंह को आरोपित किया था. पुलिस द्वारा पेश किये गये सभी साक्ष्य मुकर गये. नौ जुलाई 2012 को असम के सिल्चर से अवध एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली जा रहे प्रीतम भट्टाचार्य का नवगछिया स्टेशन पर अपहरण हो गया था. पांच दिन बाद नवगछिया रेल थाना क्षेत्र के ही कटरिया ओवरब्रिज के पास प्रीतम का शव मिला था.
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असम के सिल्चर निवासी प्रीतम भट्टाचार्य हत्याकांड में सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिये जाने की सूचना है. प्रीतम हत्याकांड का मामला व्यवहार न्यायालय खगड.िया के प्रथम तदर्थ न्यायाधीश सहजानंद शर्मा के न्यायालय में चल रहा था. न्यायालय में सरकार और बचाव पक्ष के सम्यक जिरह के बाद आरोपियों के विरुद्ध किसी प्रकार का साक्ष्य नहीं रहने के कारण सभी नौ आरोपियों को बरी कर दिये जाने की चर्चा है. हालांकि अभी इसकी न्यायालय से पुष्टि नहीं हुई है. प्रीतम हत्याकांड में बचाव पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र कुमार उर्फ पत्रा सिंह के एक सहयोगी रुपेश कुमार के हवाले से सूचना मिली है कि सभी आरोपियों को बुधवार को कोर्ट ने बरी कर दिया है. सरकार की ओर से इस मामले में अपर लोक अभियोजन संचालन गजेंद्र महतो कर रहे थे. इस रहस्यमय हत्याकांड में रेल पुलिस के पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएन राय और तत्कालीन डीआइजी विनय कुमार, कटिहार रेल एसपी सुगन पासवान के मिले जुले पर्यवेक्षण के आधार पर रेल पुलिस के पदाधिकारियों ने अनुसंधान कर कुल नौ लोगों छट्ठ सहनी, नेपाली सिंह, चंदन साह, विजय मंडल, राजेश मंडल, बाल्मिकी मंडल, जीतन मंडल, सुदीश सिंह और सुभाष सिंह को आरोपित किया था. पुलिस द्वारा पेश किये गये सभी साक्ष्य मुकर गये. नौ जुलाई 2012 को असम के सिल्चर से अवध एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली जा रहे प्रीतम भट्टाचार्य का नवगछिया स्टेशन पर अपहरण हो गया था. पांच दिन बाद नवगछिया रेल थाना क्षेत्र के ही कटरिया ओवरब्रिज के पास प्रीतम का शव मिला था.

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