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Sunday, 15 December 2013

वर्चस्व की में मारा गया रंजीत

बिहपुर थाना क्षेत्र के जयरामपुर के गुआरीडीह तीन मुहानी कोसी बहियार में शुक्रवार की देर रात अपराधियों के आपसी वर्चस्व की लड.ाई में नारायणपुर का रंजीत यादव (33) मारा गया. इस घटना में मृत रंजीत का साढ.ू का बेटा टिंकू यादव भी गोली लगने से घायल हुआ है. घायल टिंकू ने ही इस घटना की सूचना रंजीत के परिजनों को दी. रंजीत के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलने पर बिहपुर थानाध्यक्ष प्रमोद पोद्दार दल-बल के साथ, एसपी शेखर कुमार, डीएसपी रामाशंकर राय व खरीक थानाध्यक्ष राकेश कुमार व भवानीपुर थानाध्यक्ष मिथिलेश सिन्हा भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घटना स्थल से एक देसी पिस्तौल, एक जिन्दा गोली, एक खोखा, एक टीवीएस विक्टर मोटरसाइकिल नंबर बीआर 1 एक्स 9604, एक लगाम एवं चाबुक व राइफल का टूटा हुआ बट बरामद किया. गोलीकांड में मारे गये रंजीत का भाई मंटू यादव ने पुलिस को बताया कि उसका भाई रंजीत साढ.ू के बेटे टिंकू के साथ घोड.ी से अपने ससुराल बसथा (चौसा थाना) के लिए चला था. इसी दौरान तीन मुहानी बहियार के कुताय यादव व टुल्ली चौधरी के बासा के पास जयरामपुर के बिजला कुंवर अपने गिरोह के साथ हमला कर रंजीत की हत्या कर दी. एसपी शेखर कुमार ने बताया कि मृत रंजीत का भी आपराधिक इतिहास रहा है. इस पर बिहपुर, नवगछिया व बेलदौर थाने में कई मामले दर्ज हैं. रंजीत मड.वा के बौका चौधरी गिरोह का सदस्य था. कुछ दिन पूर्व मनिहारी (कटिहार) में पुलिस की गिरफ्तारी से बच कर दोनों भाग गये थे. एसपी ने कहा कि पुलिस जल्द ही इस घटना में शामिल अन्य अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी

बिजली से रंजीत की थी पुरानी दुश्मनी 

नवगछिया. रंजीत के भाई नारायणपुर के अरविंद यादव से मिली जानकारी के अनुसार रंजीत अपने पैतृक गांव नारायणपुर में नहीं के बराबर रहता था. वह अपने ससुराल मधेपुरा जिले के बसट्ठा में ही अपने परिवार को रखता था और वहीं पर रहता था. अरविंद यादव का कहना है कि वह खेती व भैंस चराने का काम करता था. अरविंद का कहना है कि पिछले दिनों बिजली की एक घोड.ी गायब हो गयी थी. बिजली को आशंका थी कि घोड.ी रंजीत यादव ने ही ली है. इस क्रम में बिजली ने रंजीत की भैंस ले ली. इस मामले में पुलिस हस्तक्षेप के बाद बिजली ने रंजीत की भैंस वापस कर दी थी. अरविंद यादव का कहना है कि उसी पुरानी दुश्मनी का बदला रंजीत की हत्या करके लिया. सूत्र बताते हैं कि बौका गिरोह से सांठ गांठ के बाद रंजीत और बिजली में काफी नजदीकी बढ. गयी थी. घोड.ी से ससुराल जाने के क्रम में रंजीत को बिजली ने ही पीने पिलाने और खाने के लिए आमंत्रित किया था. इस क्रम में उसकी हत्या कर दी. कहा जा रहा है कि अपने ही गिरोह के बीच खून खराबे की घटना के बाद घटना स्थल पर देर रात बौका चौधरी पहुंचा भी था. नवगछिया पुलिस को भी इस तरह की सूचना मिली है. सूत्र बताते हैं रंजीत की हत्या में उसके गिरोह की गहरी साजिश है.समय के बदलाव के साथ-साथ नवगछिया में समाप्त हो चुके संगठित अपराध की सरजमीं एक बार फिर से पूरी तरह तैयार हो गयी है. गुटीय हिंसा में मारे गये हरियौ के गैंगेस्टर मनोज सिंह की हत्या के बाद नारायणपुर के रंजीत यादव की हत्या दूसरी कड.ी मानी जा रही है. कोसी दियारा की सबसे बड.ी शक्ति के रुप में जब जिला पार्षद निरंजन सिंह की हत्या कर दी गयी थी तो माना जा रहा था कि किसी दूसरी शक्ति का उदय होगा, लेकिन निरंजन की हत्या के बाद उसकी हत्या में आरोपित गिरीश सिंह ने गिरोह की कमान संभाली और वह भी गिरोह के फूट का शिकार हुआ और मारा गया. गैंगेस्टर मनोज सिंह गिरोह की कमान संभाल रहा था. मनोज की लगातार घटती ताकत और आपराधिक कार्यकुशलता के अभाव में दियारा के एक किसान सर्मथित गिरोह की नजर मनोज पड. गयी. मनोज के ग्रामीण प्रतिद्वंदियों से मिल कर इस गिरोह ने मनोज को मार कर उसके हथियार पर कब्जा जमा लिया. मुठभेड. में की गयी मनोज की हत्या के बाद ही बौका चौधरी का गिरोह अस्तित्व में आया. गैंगेस्टर मनोज हत्याकांड में पुलिस अनुसंधान में बौका चौधरी को नामजद भी किया गया है. मनोज की हत्या के बाद बौका चौधरी गिरोह ने दियारा इलाके में अपने क्षेत्र के विस्तारीकरण में जुट गया.

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